Thursday, June 30, 2016

मुख की दुर्गंध (Bad Breath or Halitosis)

मुख से आने वाली दुर्गंध व्यक्ति के स्वास्थ और व्यक्तित्व का एक बहुत महत्वपूर्ण पहलू है. मुख की दुर्गंध का मुख्य कारण है जिव्हा के पिछले हिस्से में जमा जीवाणु संग्रह. यह बहुत से कारणों की वजह से हो सकता है. परंतु मुख्यतः यह गन्ध युक्त खाने की सेवन की वजह से होता है. इसके अलावा धूम्रपान, मुख सूखने के कारण, किसी प्रकार के रोग, मसूड़ों के फूलने की वजह से या फिर साइनस जैसी तकलीफ़ की वजह से भी हो सकता है. पेट की खराबी और शरीर में अतिरिक्त टॉक्सिन के कारण भी यह समस्या पाई जाती है. मुख की सफाई पर ध्यान देने से इस शिकायत को दूर रखा जा सकता है. मुख की दुर्गंध के साथ पाए जाने वाले अन्य लक्षण हैं मुख में छाले और मसूड़ों में खून का रिसाव. ख़ासकर पेट को सॉफ रखना भी अत्यंत आवश्यक है. इसके लिए त्रिफला का प्रयोग हितकर है. त्रिफला का सेवन ऋतु के अनुसार उचित रूप से ही करना अचाहिए अन्यथा दीर्घ काल तक इसके अनुचित रूप से प्रयोग किए जाने पर गंभीर समस्या पचाशय में आ सकती है.

 गर्मियों में त्रिफला का एक चम्मच के साथ छेवान हिस्सा गुड़ लें. वर्षा ऋतु में पूर्व लिखित मात्रा में ही सेंधा नमक के साथ लीजिए. पतझड़ के मौसम में शकराकारा के साथ सेवन उचित है. हेमंत ऋतु में इसका सेवन सूखे अदरक के साथ करें. शिशिर में यह पिप्पली के साथ सेवन करना चाहिए. वसंत ऋतु में शहद के साथ त्रिफला को लें.

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