आयुर्वेद का अर्थ है वह ज्ञान जिससे आयुष अथवा जीवन को विस्तार मिलता है. आयुर्वेद वह शास्त्र है जो भारत के समृद्ध औषधीय और चिकित्सीय संपदा का गोचर है. दुर्भाग्यवश हम अपनी ही धरोहर में मिले इस विज्ञान को भूलते जा रहे हैं जिसके प्रयोग से जीवन ना सिर्फ़ रोग मुक्त किया जाता है अपितु अप्रतिम रूप से स्वास्थ्य की ओर संचालित भी किया जा सकता है.
आयुर्वेद प्राचीन भारत में चिकित्सा की प्रयोग की जाने वाली पद्धति है जिसमें रोग का निवारण जड़ से किया जाता है. इस विद्या का प्रयोग भारत के ऋषि-मुनि एवं ज्ञानियों द्वारा 2000 से 5000 वर्ष पूर्व किया जाता था. यह चिकित्सा प्रणाली वास्तव में modern medicine से ग़ूढ और अधिक प्रभावशाली है क्योंकि इसमे रोग के वास्तविक कारण का निवारण किया जाता है. शरीर में स्वास्थ का निर्माण कर यह चिकित्सा प्रणाली अनियमित जीवन शैली से उत्पन्न अनेक रोगों को सफलता पूर्वक निवृत्त करती है. आयुर्वेद के अनुसार मन और शरीर दोनों आपस में जुड़े हुए हैं. मन में उत्पन्न दोषों से ही शरीर में व्याधि प्रगट होती है तथा शारीरिक रोगों के निवारण के लिए मानसिक स्वास्थ का विशेष महत्व आयुर्वेद में निर्धारित है.
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